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हर महीने अपनी मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल (माहवारी) के दौरान à¤à¤• महिला के साथ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ से जà¥à¥œà¥‡ कई बदलाव होते हैं, जोकि आम तौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है। पीरियड को छोड़कर अगर कà¤à¥€ आपको हलà¥à¤•ा वजाइनल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग देखने को मिलता है, तो इसे ‘सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग’ कहा जा सकता है।
इस पà¥à¤°à¤•ार की बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का मतलब कोई बिमारी नहीं होता। मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल में अनियमितता और देर होना सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के आम कारणों में से à¤à¤• हो सकता है। महिलाओं की उमà¥à¤° के आधार पर डिसà¥à¥žà¤¨à¥à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤² यूटेरिन बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के कई कारण होते हैं।
शरीर के अंदर à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨ में असंतà¥à¤²à¤¨ होने से पीरियड में देर या चूक हो सकती है, जसिकी वजह से कà¤à¥€-कà¤à¥€ हलà¥à¤•ी सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो सकती है। इसके लिठपैड या टेमà¥à¤ªà¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना ज़रूरी नहीं होता है। इसे अपने पीरियड के साथ जोड़ने की कोशिश ना करें। बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ, थायरॉइड टेसà¥à¤Ÿ, यूरिन टेसà¥à¤Ÿ, कमà¥à¤ªà¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट (सीबीसी), और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ इस तरह से बार-बार सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने के कारण हो सकते हैं। अगर आपके शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट से कà¥à¤› सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं आ रहा है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलकर फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸, टà¥à¤¯à¥‚मरà¥à¤¸ या यूटेरस में इंफेकà¥à¤¶à¤¨/संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे अनà¥à¤¯ कारणों की जांच करें। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ लेते हà¥à¤ इस बात का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपके पीरियड नियमित हो रहे हैं या नहीं। अगर दवाइयों से कोई सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं आ रहा हो तो, आपको हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी करवानी पड़ सकती है। इसमें यूटेरस की जांच के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने के कारण का पता लगाया जाता है।
पीरियड के पहले सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने के कारण
मोटापा, बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसरत, और तनाव ये कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कारण हैं जिनसे बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग में अनियमितता हो सकती है। सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने के पीछे कई और à¤à¥€ कारण हो सकते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ फ़ीमेल सेकà¥à¤¸ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ है जो मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल के लिठज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ के लेवल कम होने से à¤à¤¬à¥à¤¨à¥‰à¤°à¥à¤®à¤² यूटेरिन बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है, जिसे पीरियड के पहले होने वाली सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग कहते हैं। इसके अलावा जो आम कारण हैं, वो हैं:
अगर आप हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ से जà¥à¥œà¥€ गरà¥à¤ निरोधक गोलियाठले रहीं हैं तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीनों में सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना बहà¥à¤¤ आम बात है। मेडिककल की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे ‘बà¥à¤°à¥‡à¤•थà¥à¤°à¥‚ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग’ कहा जाता है।
गोनोरिया या कà¥à¤²à¥‡à¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे सेकà¥à¤¸à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिसीज़ (STD) से यूटेरस में सूजन आती है।
बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग से जà¥à¥œà¥€ परेशानियाà¤, लिवर, किडनी की बिमारी या शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ से जà¥à¥œà¥‡ अंगों/पेलà¥à¤µà¤¿à¤• ऑरà¥à¤—न में संकà¥à¤°à¤®à¤£
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ या पॉलिपà¥à¤¸ का बनना। ये नॉन-कैंसरस टà¥à¤¯à¥‚मर हैं जो यूटेरस लाइनिंग पर बन जाते हैं।
पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवेरियन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (PCOD) ओवरी/अंडाशय के काम में रà¥à¤•ावट पैदा करता है। हर महीना जिस तरह से होना चाहिठवैसे à¤à¤— नहीं निकाले जाते हैं, और फà¥à¤²à¥‚इड से à¤à¤°à¥‡ फॉलिकल à¤à¤— को घेर लेते हैं, जिसकी वजह से अनियमित पीरियड और सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती है।
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टेरिन डिवाइस (IUD) से सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने या हैवी पीरियड होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
पेरीमेनोपॉज़ à¤à¥€ à¤à¤• कंडीशन है जोकि तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है जब आप मेनोपॉज़ के करीब होती हैं। इससे यूटेरस की लाइनिंग मोटी हो जाती है और पीरियड अनियमित हो जाते हैं, जिससे सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ हो सकती है।
मेनोपॉज़ à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के जीवन की वह अवसà¥à¤¥à¤¾ है जब पीरियड पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। मेनोपॉज़ से जà¥à¥œà¥‡ बदलाव आगे चलकर हैवी पीरियड का कारण बनते हैं, जिससे धीरे-धीरे अनियमित सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने लगती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में à¤à¥€ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग देखने को मिलती है। यह à¤à¤• इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग है जो फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¥›à¥à¤¡ à¤à¤— के यूटेरस लाइनिंग से जà¥à¥œà¤¨à¥‡ के बाद होती है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग से कैसे बचा जाà¤?
सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग किसी तरह की बीमारी नहीं है जिसमें ठीक होने के लिठकोई ख़ास à¤à¤‚टीडोट काम कर जाà¤à¥¤ लेकिन फिर à¤à¥€, अगर आपको अपनी हर मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल में दरà¥à¤¦, दà¥à¤°à¥à¤—ंध या रंग में कà¥à¤› बदलाव दिखे तो आपको इससे निपटने के लिठसही इलाज करवाना होगा। रिसरà¥à¤š से यह पता चला है कि आपकी जीवन-शैली और तनाव के आधार पर पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के कारण हर लड़की में अलग-अलग हो सकते हैं। अगर अनियमित सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का कारण कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£, कैंसर, या कोई और गंà¤à¥€à¤° रोग है, तो इसके चलते आपके जीवन को à¤à¥€ खतरा हो सकता है।
ये रहे इनसे बचने के कà¥à¤› आम तरीके जो आपके पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग को कंटà¥à¤°à¥‹à¤²(संयमित) करने में मदद करेंगे:
अपने हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखना: à¤à¤• सही वजन और खानपान हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² इमà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को कम कर सकता है। जो जंक फ़ूड आप अà¤à¥€ तक खा रहे हैं उसे छोड़ें और उसकी जगह हरी सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और अनाज का सेवन करें।
बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसरत ना करें: महिलाओं का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसरत करना à¤à¥€ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का à¤à¤• ख़ास कारण है। बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक कसरत से à¤à¥€ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर दबाव पड़ सकता है, जिससे कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग और डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है।
कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न खाà¤à¤: जो महिलाà¤à¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियाठलेती हैं, उनमें आगे चलकर अबनॉरà¥à¤®à¤² सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग देखने को मिलती है। ख़à¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° बनने और डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ना देते हà¥à¤ इन दवाइयों को लेते रहने से आपके पीरियड कई महीनों के लिठबंद हो सकते हैं।
अपने खाने में आयरन को à¤à¥€ शामिल करें: खाने में à¤à¤¸à¥‡ आइटम खाà¤à¤‚ जिनमें आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जैसे केले, फलियां, पालक आदि। जिस शरीर में खून की कमी होती है वो हर महीने रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ नहीं कर सकता है जिसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती है।
घरेलॠनà¥à¤¸à¥à¤–े: सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेवल या तनाव कम करने के लिठयोग और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करें। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² इमà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स का पहला कारण है मानव शरीर का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव लेना। à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मसालेदार चाय बनाà¤à¤ जिसमें, इनमें से कोई à¤à¥€ चीज़ - हलà¥à¤¦à¥€, दालचीनी, अदरक या जीरा पीसकर डालें। यह आपकी मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल को नियमित बनाती है, और पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¥€ लगà¤à¤— ख़तà¥à¤® कर देता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग पर कà¥à¤› ज़रूरी बातें
हर महीने होने वाला सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ ही à¤à¤• महिला का जनन संबंधी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ तय करता है। पीरियड के पैटरà¥à¤¨ होने वाले बदलाव सीधे आपके जीवन पर असर डालते हैं। चाहे वो बार-बार सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग दिखना, हलà¥à¤•े पीरियड या ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बहाव वाले दिन हों, आपको इन तीनों ही अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं को कà¤à¥€ à¤à¥€ नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिà¤à¥¤ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोचने से à¤à¥€ इसका कोई हल नहीं निकलेगा। इसलिठज़रूरी है कि सही तरीका अपनाà¤à¤‚। अगर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करने में परेशानी हो रही है, तो अपनी माठया किसी करीबी दोसà¥à¤¤ से बात करें। लेकिन अपने आप से दवाई लेकर इलाज करने की कोशिश ना करें।
पीरियड में होने वाला रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ के कारण अलग-अलग होते हैं, जो कई बातों पर निरà¥à¤à¤° करते हैं - उमà¥à¤°, शादीशà¥à¤¦à¤¾ होना या ना होना, खाने से जà¥à¥œà¥€ आदतें, पोषण आदि। सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ है जो किसी गंà¤à¥€à¤° बिमारी से जà¥à¥œà¥€ हो सकती है और नहीं à¤à¥€à¥¤ अगर किसी तरह की अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक बिमारी आपके परिवार में रही है तो अपने माता-पिता से उसकी जानकारी लें। परिवार में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ होने पर अपने पीरियड की नियमितता को लेकर सतरà¥à¤• रहें जब तक कि आपका पीरियड पूरी तरह से बंद न हो जाà¤à¥¤
ये रहे कà¥à¤› आम तरीके जिनसे आप मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों जैसे अचानक सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना, से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते हैं:
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में होने वाली सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परेशानीओं के लिठमोटापा à¤à¤• बहà¥à¤¤ बड़ा कारण है। à¤à¤¸à¥€ महिलाà¤à¤ जो मोटी होती हैं, को पीरियड से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सही उमà¥à¤° में शरीर के मोटापे पर काबू पाà¤à¤‚; नहीं तो आपका मेनोपॉज़ देरी से आ सकता है, जिसके कई दूसरे नà¥à¤•सान à¤à¥€ हैं।
ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दवाइयाठना लें। अगर किसी गोली से आपको पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग या दरà¥à¤¦ में से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिला है, तो तà¥à¤°à¤‚त राहत पाने के लिठउस दवाई पर निरà¥à¤à¤° ना रहें। हो सकता है कि सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग अपने आप ही थोड़े दिनों में ठीक हो जाà¤à¥¤ इसलिठधीरज से काम लें और à¤à¤‚टीबायोटिक के जाल से बचें।
शारीरिक कसरत करें। पैदल चलना à¤à¥€ आपके पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° की मांसपेशियों को अचà¥à¤›à¤¾ और सकà¥à¤°à¥€à¤¯ बनाता है। शरीर को सà¥à¤¸à¥à¤¤ रखने से हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का बनना और बैलेंस दोनों ही में रà¥à¤•ावट होगी जिससे की पीरियड की नियमितता पर à¤à¥€ असर पड़ता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं में सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग या डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना आम बात है। फिर à¤à¥€ अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥‚आती पड़ाव पर हैं तो à¤à¤¸à¥€ चीजें ना खाà¤à¤ जो शरीर में गरà¥à¤®à¥€ पैदा करती हैं।
अपने मोबाइल फ़ोन पर पीरियड टà¥à¤°à¥ˆà¤•र इंसà¥à¤Ÿà¤¾à¤² करें। इस तरह से अगर आपकी पीरियड की तारीख के पहले आपको सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग दीखाई दे; आप यह देख पाà¤à¤à¤—ी। टà¥à¤°à¥ˆà¤•र पीरियड के होने की तारीख, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन की तारीख और à¤à¤¸à¥‡ दिन जब आप फà¥à¤°à¥€ हैं इन सबके बारे में अचà¥à¤›à¥‡ से बताता है। अगर किसी तरह की परेशानी है तो इस तरह की à¤à¤ª का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पीरियड का रिकॉरà¥à¤¡ रखने के लिठबहà¥à¤¤ मददगार होता है।
तो, कà¥à¤² मिलाकर, पीरियड सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¤• आम परेशानी है जिसका अनà¥à¤à¤µ महिला तब तक करती है जब तक पीरियड आते हैं। और जैसा बताया गया है, अगर लकà¥à¤·à¤£ फिर à¤à¥€ बने रहें तो सही समय पर इसपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤, इसकी जाà¤à¤š और इलाज कराना चाहिà¤à¥¤
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